Bukhar के घरेलु उपाय – Bukhar के घरेलु इलाज, दवा, Teblet

आज आप इस पोस्ट में जानेंगे की Bukhar Ke Gharelu Upay और Bukhar Ka Gharelu Ilaaj, बुखार क्या होता है, बुखार उतारने के घरेलु उपाय, बुखार के कारन, बुखार के प्रकार, बुखार की दवा एवं यदि आप बुखार से सबंधित अन्य जानकारी चाहते है तो आप इस पोस्ट में पढ़ सकते है.

Bukhar Ke Gharelu Upay - Bukhar Ka Gharelu Ilaaj

Bukhar Kya Hota Hai

किसी भी व्यक्ति के शरीर का सामान्य तापमान लगभग 98.6° F (37°C) होता है परन्तु यदि किसी भी व्यक्ति का तापमान 100.4°F (38°C) से ऊपर का तापमान होता है, तो उसे बुखार कहा जाता है. हम यह भी कह सकते है की शरीर का तापमान बढ़ना ही बुखार होता है.

बुखार होने से शरीर में कमजोरी आ जाती है. रोगी के शरीर का वजन लगातार गिरना, सिर दर्द होना, मन नहीं लगता किसी काम में, खाना सही नहीं लगता और कई एसी दूसरी अन्य बीमारिया होती है.

Bukhar Ke Gharelu Upay

Bukhar होने पर कई तरह की समस्याए होती है. शरीर का तापमान बढ़ना, किसी काम में मन न लगना, बदन दर्द होना आदि परन्तु यदि आप इस समस्या से निजात चाहते है, तो आप कुछ घरेलु तरीको का इस्तेमाल भी कर सकते है. जिससे आपका बुखार कुछ हद तक कम हो सकता है.

लहसुन में एंटी बैक्टेरियल गुण पाए जाते है जो शरीर की रोगों से लड़ने बाली क्षमता को बढाता है. यह शरीर के तापमान को कम करने में भी मदद करता है यह बुखार को ही नहीं बल्कि बुखार जैसी अन्य समस्याओ से भी छुटकारा दिलाता है.

Bukhar Ka Gharelu Ilaaj

Bukhar आना शरीर के लिए अच्छा माना जता है क्योकि बुखार आने से शरीर की अन्य बीमारियाँ के प्रति इम्युनिटी बढ़ जाती है परन्तु यदि आप बुखार से परेशान हो तो कुछ घरेलु ijal के द्वारा इससे बच सकते है.

साफ कपड़े को ठन्डे पानी में भिगोकर निचोड़ ले और शरीर का तापमान कम करने के लिए इसका स्पंज ले इसके अलावा, ठन्डे पानी की पट्टी अपने माथे पर और गर्दन पर रखे परन्तु कपड़े को कुछ मिनट के बाद नियमित रूप से बदलते जाये जिससे आपके शरीर का तापमान कम हो जाये, यह उपाय तेज बुखार में बहुत ही कारगर होता है.

Bukhar Utarne Ka Gharelu Upay

गुनगुने पानी से स्नान करना भी एक अच्छा उपाय होता है, जितना हो सके उतना आराम करे क्योंकि इससे शरीर को बीमारी से लड़ने में मदद मिलती है. परन्तु ज्यादा ठन्डे पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए इससे शरीर का आंतरिक तापमान बढ़ सकता है.

सेब का सिरका बुखार के लिए एक अच्छा, सस्ता और अत्यधिक प्रभावी उपाय है, यह बुखार को तेजी से कम करता है क्योकि इसमें मौजुद अम्ल शरीर से गर्मी निकालने में मदद करता है. इसके साथ ही यह खनिज से भरपूर होता है और बुखार को कम करने में मदद करता है.

बुखार दूर करने के लिए घरेलु नुस्खे में आप किशमिश का इस्तेमाल भी कर सकते है किशमिश शरीर में होने बाले संक्रमण को रोकती है और बुखार को कम करने में सहायता करती है इसमें एंटीबैक्टेरियल और एंटीओक्सिडेंट जैसे गुण मौजुद होते है.

किशमिश बुखार में टॉनिक की तरह काम करती है. किशमिश को पानी में भिगोकर रख दे अब उस पानी सहित किशमिश को पीस ले इसमें आधा निम्बू का रस मिलाये, जब तक बुखार नहीं चला जाये इस प्रक्रिया को दिन में दो बार दोहराये.

अदरक को एक गिलास गरम पानी में उबाले और इसमें थोड़ा शहद मिलाये इसे दिन में तीन से चार बार पीये. इस चाये के सेवन से आपको बहुत फायदा हो सकता है. क्योकि अदरक में एंटीवायरल और एंटीबैक्टैरियल गुण पाए जाते है.

हल्दी बाला दूध भी किसी भी रोगी के लिए बहुत अच्छा उपचार है इसमें रोगी को हल्दी और दूध उबालकर पीना चाहिए हल्दी में एंटीवायरल, एंटीफंगल, एन्तिवैक्टेरियल और एन्तिओक्सिडेंट जैसे गुण पाए जाते है.

बुखार कैसे आता है

बुखार शरीर में कीटाणुओं के संक्रमण से होता है कुछ कीटाणु शरीर में पहुचकर संक्रमण को फैलाते है ये संक्रमित किटाणु सफेद रक्त कोशिकाओं के संपर्क में आकर शरीर में बुखार करने करने वाले पदार्थ को पैदा करते है.

ये पदार्थ मस्तिष्क के तापमान केन्द्र को प्रभावित करते है और इससे व्यक्ति को बुखार जैसी समस्या का सामना करना पढता है गर्मी के कारन बेहद थकान होने से, टयूमर से, टीकाकरन जैसी बीमारियों से बुखार आ जाता है.

Bukhar Ke Lakshan

बुखार के लक्षण निम्नलिखित है जो इस प्रकार है

  • अचानक तेज बुखार आ जाता है.
  • बुखार में सर बहुत तेजी से दर्द करने लगता है.
  • आँखों में दर्द और आँखों से पानी भी आता है.
  • व्यक्ति के पुरे शरीर में और जोड़ो में बहुत तेज दर्द होता है.
  • व्यक्ति को स्वाद का पता नहीं चलता व भूख नहीं लगती है.
  • चक्कर आना, जी घबराना, उल्टी आना, नाक बहना, दस्त लगना जैसी बीमारियाँ होती है.
  • रोगी को कपकपी, थरथराहट, और ठंड लगती है.
  • आलस आता है, कुछ काम करने का मन नहीं होता, गले में खराश, खासी, आवाज भी धीमी रहती है.
Bukhar Ki Dava

बुखार कम करने के लिए बाजार में कई तरह की दवाये मौजुद होती है, परन्तु किसी भी दवाई का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बीना नहीं करना चाहिए.

सामान्य तौर पर बुखार को कम करने के लिए आईबुप्रोफेन, एसिटामिनोफोन को दिया जाता है जो दर्द को नियंत्रण करने और बुखार को कम करने में मदद करता है. दोनों दवाओ को बारी –  बारी से बदलकर खाने से बीमारी में आराम मिलता है.

बुखार को कम करने के लिए पेरासिटामोल, एस्परिन, feverall, Genapap, Panadol, Tempra, Tylenol जैसी दवाइयों का इस्तेमाल भी कर सकते है ये सभी Bukhar Ki Tablet जो बुखार को कम करने में मदद करती है, यदि ये सभी दवाओ के खाने पर भी आपका बुखार नहीं जाता है तो आप सीधे डॉक्टर के पास भी जा सकते है.

बुखार उतारने का घरेलू उपाय

बुखार में dehydration की समस्या हो जाती है जिससे बचने के लिए संतरे का रस और अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए. शरीर पर बहुत ठन्डे पानी या बर्फ का उपयोग न करे इसके साथ ही हरी पत्तेदार सब्जिया खाए.

बुखार दूर करने के लिए अंडे के सफेद भाग की जर्दी निकाले अंडे की सफेदी को फेटे उसे कागज या रुमाल में लगाकर पेरो के तलवो पर लगाये जब कपडा गर्म हो जाये तो उसे बदल दे इस प्रक्रिया को जब तक बुखार ठीक न हो जाये दोहराते रहना चाहिए.

बुखार के प्रकार और लक्षण

बुखार के प्रकार निम्नलिखित है

सर्दी वाला बुखार: इस बुखार में 24 घंटे में सर्दी लगकर बुखार आता है यह बुखार रह रहकर होता है जिसमे रोगी का बुखार उतर जाता है फिर आ जाता है इस बुखार में मलेरिया, प्युमिया और सेप्टीसीमिया शामिल है.

डेंगू वाला बुखार: डेंगू वाला बुखार मच्छर के काटने से होता है उस मच्छर को एडीज मच्छर कहते है यदि किसी व्यक्ति को डेंगू हुआ है और यह मच्छर उस व्यक्ति को काट ले तो उसके बैक्टेरिया उस मच्छर में आ जाते है एवं यदि वह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट दे तो वह व्यक्ति भी डेंगू बुखार हो जाता है.

टाईफाइड बुखार: यह बुखार साल्मोनेला पैराटाईफी बैक्टीरिया से फैलता है यह बैक्टेरिया गंदे पानी पिने और खाने के जरिये लोगो के अन्दर चला जाता है. यह बीमारी लगभग 3 – 4 सप्ताह तक रहती है इसमें सरदर्द, 104 डिग्री बुखार, शरीर में दर्द, जी मिचलाना जैसी समस्याए होती है.

नार्मल बुखार: यह बुखार मौसम बदलने के कारन होता है जिसमे रोगी को ठंड लगकर बुखार आता है जो 1, 2 दिन में ठीक हो जाता है.

स्वल्पवीराम बुखार(Remittent Fever): ये बुखार किसी भी व्यक्ति को होता है तो ये चढ़ता – उतरता रहता है या बिलकुल ही नहीं उतरता है. इस बुखार में शरीर का तापमान सामान्य से ऊपर रहता है

सेप्टिक बुखार(Hectic or Septic): यह एक उच्च तापमान का बुखार होता है जिसमे बुखार की दवा से भी कोई फायदा नजर नहीं आता है. इस बुखार में रोगी की देखभाल ज्यादा की जानी चाहिए और उसे अच्छा – अच्छा खाना खिलाना चाहिए.

मियादी बुखार: यह बुखार कुछ दिनों से कुछ सप्ताह तक रहता है. जिसमे कोई लक्षण उपलब्ध नहीं होते है.

Pel Ebstin Type: इस बुखार में शरीर का तापमान बदलता रहता है शरीर का तापमान तीन दिनों के लिए उच्च रहता है. और तीन दिनों में कम हो जाता है 9 दिनों में यह बुखार उतर जाता है.

बुखार से सबंधित – FAQ
Bukhar Ke Liye Injection

बुखार होने पर Medomol Injection का उपयोग करना चाहिए.

Bukhar Ko Kaise Thik Kare

बुखार को ठीक करने के लिए आप कुछ घरेलु उपाय अपना सकते है जो आप उपर पढ़ सकते है.

बुखार उतारने की दवा

बुखार में आईबुप्रोफेन या पेरासिटामोल दवाई का इस्तेमाल करना चाहिए.

इस पोस्ट में यह जाना कि  Bukhar Ke Gharelu Upay और Bukhar Ka Gharelu Ilaaj अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें. अगर आपके मन में कोई Question है जो आप पूछना चाहते है तो comment करे.

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