Guruvar का व्रत करने से क्या होता है – गुरुवार का व्रत कैसे किया जाता है, विधि, नियम

इस पोस्ट में हम जानेंगे की Guruvar Ka Vrat Karne Se Kya Hota Hai और Guruvar Ka Vrat Kaise Kiya Jata Hai साथ ही जानेंगे गुरुवार व्रत करने की विधि और नियम क्या है.

Guruvar Ka Vrat Karne Se Kya Hota Hai और Guruvar Ka Vrat Kaise Kiya Jata Hai

साथ ही पोस्ट में जानेंगे की गुरुवार व्रत की कथा, फायदे और व्रत में क्या खाना चाहिए. इन सब के बारे में इस पोस्ट में विस्तार से जानेंगे.

गुरुवार का व्रत कब शुरू करें 2022

गुरूवार का व्रत शुरू करने का एक शुभ मुहर्त होता है और इस व्रत को शुभ मोहरत में ही करना चाहिए. मान्यताओं के अनुसार गुरूवार का व्रत शुक्ल पक्ष में करना अच्छा होता है इस दिन यदि पुष्य नक्षत्र हो तो और भी अधिक फायदा होता है.

इस व्रत को करने के कुछ नियम भी होते है इसे 16 सोमवार तक करना चाहिए या फिर 1, 3, 5, 7, 9, 11 महीने या फिर 1 से 3 साल और जीवन भर तक कर सकते है.

इसके अलावा आप चाहे तो किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष में पहले गुरूवार से ही इस व्रत को शुरू कर सकते है. 

पीरियड में गुरुवार का व्रत करना चाहिए या नहीं

पीरियड के समय में किसी भी महिला को गुरूवार का व्रत नहीं करना चाहिए, क्योकि इस व्रत में शुद्धता को विशेष महत्त्व दिया जाता है, जबकि पीरियड्स में शरीर अशुद्ध हो जाता है. इसलिए पीरियड्स में किसी भी तरह का व्रत नहीं करना चाहिए.

Guruvar Vrat Ki Katha

गुरूवार व्रत की कथा पड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.  Click Here (Guruvar Vrat Ki Katha)

Guruvar Ka Vrat Kaise Kiya Jata Hai

सुबह जल्दी उठकर, नित्य कर्म और स्नान करे, मंदिर या केले के पेड़ के पास जाकर विष्णु भगवान को प्रणाम करें, पीला वस्त्र भगवान को अर्पण करे, भगवान को गुड़ और धूलि चने की दाल चढ़ाए, पूजा पाठ करे, गरीबो को फल, अन्न और वस्त्र का दान करे.

Guruvar Vrat Karne Ki Vidhi

  • गुरूवार  के दिन सुबह जल्दी उठे और अपने नित्य कर्म को कर ले.
  • स्नान करने के बाद पीले वस्त्र धारण करे और भगवान् को प्रणाम करे.
  • पूजा स्थल या मंदिर को साफ़ करे और भगवान को पीले वस्त्र अर्पित करे.
  • भगवान को प्रसाद में पीले चने की दाल,  गुड़, मुनक्का, हल्दी, पीले चावल और पड़े चढ़ाये.
  • केले के पेड़ की पूजा करे, क्योकि इसमें भगवान विष्णु का वास माना जाता है. इसलिए इस पेड़ में जल को चढ़ाए.
  • इस व्रत को किया है तो पीली चीजों का सेवन करे, रात्रि के समय में पीली दाल का सेवन कर सकते है.
Guruvar Vrat Ke Niyam

गुरूवार व्रत के नियम निम्न है :

  • यदि आप पहली बार गुरूवार का व्रत रखते है तो इसकी शुरुवात पुष्य नक्षत्र में करना बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है. इस व्रत को किसी भी मास के शुक्ल पक्ष में पहले गुरूवार को शुरू कर सकते है.
  • यह व्रत भी 16 सोमवार की तरह ही 16 गुरूवार तक किया जाता है.
  • गुरूवार के दिन केले का सेवन ना करे क्योकि इसमें भगवान विष्णु का वास माना जाता है. इस दिन केले के पेड़ में जल डालकर उसकी पूजा करें.
  • गुरूवार के दिन पीले कपडे पहने और भगवान विष्णु को पीले फल और फूल का अर्पण करे.
  • गुरूवार के दिन आप चने की दाल, केला, पीले वस्त्र, गुड़ आदि चीजों को गरीबो को दान कर सकते है.
  • गुरूवार के व्रत के दिन उड़द की दाल और चावल नहीं खाना चाहिए.
  • गुरूवार को दाढ़ी, बाल, नाख़ून नहीं कटवाना चाहिए और ना ही इस दिन कपडे और सिर को धोना चाहिए. 

Guruvar Ka Vrat Karne Se Kya Hota Hai

गुरूवार का व्रत करने से भगवान बृहस्पति और भगवान विष्णु प्रसन्न होते है और उनकी कृपा बनी रहती है. यदि आपकी कुंडली में गुरु दोष है तो गुरुवार व्रत करने से यह दोष भी दूर हो जाता है. 

गुरूवार व्रत करने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है जिससे जीवन में धन और समृद्धि बनी रहती है. गुरूवार का व्रत करने से सुख, समृद्धि, मान, धन आदि की भी प्राप्ति होती है.

यदि आपके विवाह में किसी तरह की कोई परेशानी आ रही है या विवाह नहीं हो पा रहा है तो इस व्रत को करने से विवाह की सारी परेशानिया और बाधाएं भी दूर हो जाती है.

Guruvar Vrat Ke Fayde

  • शास्त्रों के अनुसार गुरूवार के व्रत को करने से ज्ञान और बुद्धि का विकास होता है और गुरु दोष से मुक्ति मिलती है.
  • गुरूवार का व्रत करने से जीवन में सुख, समृद्धि, धन, शांति, पापो से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है.
  • गुरूवार का व्रत करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और उस मनुष्य के जीवन में धन और समृद्धि भी बनी रहती है.
  • जिन लोगो का विवाह नहीं हो पा रहा है या विवाह में देर हो रही है, उन लोगो को गुरूवार का व्रत करना चाहिए. इस दिन भगवान विष्णु और केले के पौधे की पूजा करना चाहिए, बहुत जल्द आपके विवाह की सारी बाधाएं दूर हो जाएंगी.
  • अगर आपकी कुंडली में गुरु दोष है तो लगातार 7 गुरूवार का व्रत करने से गुरु गृह से जुडी सारी परेशानिया दूर हो जाएँगी.
Guruvar Vrat Katha Aarti

जय बृहस्पति  देवा, ऊँ जय बृहस्पति  देवा । 
छिन छिन भोग लगा‌ऊँ, कदली फल मेवा ॥
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी ।
जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी ॥
चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता ।
सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता ॥
तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े ।
प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्घार खड़े ॥
दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी ।
पाप दोष सब हर्ता, भव बंधन हारी ॥
सकल मनोरथ दायक, सब संशय हारो ।
विषय विकार मिटा‌ओ, संतन सुखकारी ॥
जो को‌ई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे ।
जेठानन्द आनन्दकर, सो निश्चय पावे ॥
सब बोलो विष्णु भगवान की जय ।
बोलो बृहस्पति देव भगवान की जय ॥

गुरुवार व्रत में क्या खाना चाहिए

गुरूवार के व्रत में आप फल, आलू, शकरकंद, मेंवे, नारियल, दूध से बनी मिठाइयां, मूंगफली, साबूदाना, राजगिरि का आटा, मूंगफली आदि चीजों का सेवन कर सकते है. अन्य किसी भी प्रकार के अन्न के सेवन से बचना चाहिए.

Guruvar Vrat Me Kya Na Kare

बाल, नाख़ून ना काटे, बालो को और वस्त्रो को ना धोए, ऊपर से नमक डालकर न खाए, दूध, केला और चावल नहीं खाना चाहिए, गुरुवार को पूजा-पाठ, आँखों से जुडी चीजे और कोई भी धार दर वस्तु को ना ख़रीदे आदि .

Guruvar Vrat – FAQs
गुरुवार के व्रत के बारे में बताइए

गुरूवार व्रत से जुडी सारी जानकारिया इस पोस्ट में दी गयी है. गुरूवार व्रत के बारे में जरुरी सारी जानकारी जानने के लिए इस पोस्ट को जरुर पड़े.

Guruvar Vrat Kab Se Shuru Kare

अगर आप पहली बार गुरूवार का व्रत करते है तो गुरूवार के दिन पुष्प नक्षत्र हो तो इस दिन व्रत को करना बहुत ही लाभदायक होता है.

गुरुवार का व्रत कितने दिनों तक करना चाहिए

प्रत्येक गुरूवार को मिलाकर कुल 16 गुरूवार करना चाहिए और 17वे गुरूवार को इस व्रत का उद्यापन कर लेना चाहिए. पुरुष द्वारा यह व्रत लगातार 16 गुरूवार तक किया जाना चाहिए जबकि स्त्री या लड़की इस व्रत को तभी करें जब वो पूजा कर सके, मुश्किल समय (गर्भ और माहवारी) में इस व्रत को नहीं करना चाहिए.

गुरुवार व्रत क्यों किया जाता है

गुरुवार का व्रत भगवान विष्णु और भगवान बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है. गुरूवार  का व्रत करने से समस्त प्रकार के विकार, संतान प्राप्ति, धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है.

Guruvar Vrat Kaise Karte Hain

गुरूवार का व्रत कैसे किया जाता है और इसकी विधि क्या है इस पोस्ट में विस्तार से बताई गयी है. आप इस पोस्ट को डिटेल में पढ़ कर जान सकते है.

गुरुवार व्रत के लाभ

गुरुवार व्रत के लाभ इस पोस्ट में बताया गया है. गुरूवार व्रत के फायदे जानने के लिए ऊपर इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़े.

Guruvar Vrat Ka Bhojan

मूंगफली, मेवा, दूध से बनी मिठाईया, नारियल, आलू, राजगिरि का आटा, साबूदाना, शकरकंद आदि.

उम्मीद करते है आपको हमारी यह पोस्ट Guruvar Ka Vrat Karne Se Kya Hota Hai और Guruvar Ka Vrat Kaise Kiya Jata Hai पसंद आई होगी.

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