Pen का आविष्कार किसने किया – पेन कैसे बनता है, पेन के बारे में बताइये

इस पोस्ट में हम जानेंगे की Pen Ka Avishkar Kisne Kiya और Pen Kaise Banta Hai साथ ही जानेंगे पेन कैसे चलता है और पेन के प्रकार कितने है.

Pen Ka Avishkar Kisne Kiya और Pen Kaise Banta Hai

साथ ही पोस्ट में जानेंगे की पेन क्या होता है और पेन की कंपनिया कौन सी है. इन सब के बारे में इस पोस्ट में विस्तार से जानेंगे.

Pen Kya Hota Hai

पेन एक ऐसी युक्ति होती है जिसकी मदद से लिखावट का कार्य किया जाता है. इसमें स्याही इस्तेमाल होती है जो आसानी से निकलती नहीं है.

Pen Ka Avishkar Kisne Kiya

विश्व के सबसे पहले पेन का आविष्कार का श्रेय फ्रेंच के एक इन्वेंटर पेट्राचे पोएनरु (Petrache Poenaru) को दिया जाता है. पोएनरु ने 1857 में फाउंटेन पेन का आविष्कार किया था. सबसे पहले इन्होने ने ही फाउंटेन पेन का आविष्कार किया था.

परन्तु यह पेन इतना कारगर साबित नहीं हुआ, क्योकि इस पेन की कुछ खामियां भी थी. फाउंटेन पेन से लिखने पर स्याही देर तक सूखती नहीं थी जिसमे समय भी अधिक लगता था.

बाद में बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार हुआ जो महवत्वपूर्ण और उपयोगी साबित हुआ. इस पेन के आविष्कार का श्रेय दो लोगो John J. Loud और Laszlo Biro को दिया जाता है.

परन्तु बॉल पॉइंट पेन का आविष्कारक का मुख्य श्रेय जॉन जैकब लाउड को ही दिया जाता है जिन्होंने सन 1988 में बॉल पॉइंट पेन या बॉल पेन का आविष्कार किया था.

Ball Pen Ka Avishkar Kisne Kiya

बॉल पेन का आविष्कार John J. Loud ने किया था. उन्होंने इसका आविष्कार सन 1988 में किया था. बॉल पेन का आविष्कार फाउंटेन पेन की कमियों और कुछ दिक्कतों को ध्यान में रख कर किया गया था.

Pen Kaise Banta Hai

पेन बनाने की पूरी प्रक्रिया नीचे बताई गयी है:

पेन बनाने के लिए सामग्री : पेन बनाने के लिए कुछ जरुरी चीजों की जरुरत होती है जो निम्न है:

  • बैरल : इस हिस्से में स्याही भरी जाती है.
  • एडाप्टर : यह बैरल और टिप के बिच वाला भाग होता है.
  • टिप : टिप पेन का वह हिस्सा है जहाँ से स्याही निकलती है.
  • ढक्कन : यह पेन को ढकने के लिए इस्तेमाल होता है.
  • स्याही : यह पेन के लिए सबसे महत्वपूर्ण भाग है जो पेन में डाली जाती है.

कुछ जरुरी मशीन :

  • पंचिंग मशीन
  • इंक फीलिंग मशीन
  • टिप फिक्सिंग मशीन
  • सेंट्रीफ्यूगिंग मशीन

पेन बनाने की पूरी प्रक्रिया :

  • सबसे पहले बैरल को पंचिंग मशीन के अंदर लगाया जाता है.
  • पंचिंग मशीन में पहले से ही एडाप्टर लगे हुए होते है.
  • बैरल और एडाप्टर को देखते है दोनों सही जगह होते है तो पंचिंग मशीन की मदद से पांच करते ही बैरल में एडाप्टर सेट हो जाता है.
  • अब एडाप्टर के सेट होने के बाद इसमें स्याही भरना होता है, जिसके लिए हम इंक फीलिंग मशीन का उपयोग करते है.
  • इंक फीलिंग मशीन में पहले से ही स्याही भर दी जाती है. ध्यान रहे स्याही बैरल की साइज के अनुसार ही भरी जाए, ज्यादा होने पर स्याही बैरल के बाहर भी आ सकती है.
  • अब बैरल में स्याही भर देने के बाद बैरल के ऊपरी हिस्से को हाथ से दबाकर रखे. अब टिप फिक्सिंग मशीन की मदद से इसे टिप कर दिया जाता है और यह एक पेन बन जाता है.
  • अब बने हुए पेन को सेंट्रीफ्यूगिंग मशीन में डाला जाता है जिसकी वजह से इस पेन के अंदर की अतिरिक्त हवा को बाहर निकाल दिया जाता है.
  • आपका पेन पूरी तरह तैयार है जिसे आप ढक्कन से अच्छी तरह कवर कर के इस्तेमाल कर सकते है.

Pen Kaise Chalta Hai

पेन में एक रिफिल होती है जिसमे स्याही भरी होती है. इस रिफिल के एक कोने पर टिप लगी होती है जिसमे से स्याही निकलती है. जब पेन को पकड़कर किसी कागज पर लिखा जाता है तो टिप से स्याही निकलकर पेपर पर उकर जाती है और आप जो लिखना चाहते थे वह लिखा जाता है.

Pen Ke Prakar

पेन दो प्रकार के होते है:

  1. लिक्विड इंक पेन
  2. जेल इंक पेन
Pen Ki Company

आज के समय में पेन बनाने वाली विभिन्न तरह की कम्पनिया है. कुछ कंपनियों जिनके पेन बाजार में काफी पॉपुलर है और बिकते भी है. ये कंपनिया सेलो, फ्लेयर, गोल्डेक्स आदि. इसके अलावा कुछ अंतरराष्ट्रीय कम्पनिया जैसे: पार्कर पेन, मोंट ब्लैक पेन, क्रॉस पेन, रेनॉल्ड्स, कैमलिन आदि.

फाउंटेन पेन क्या है

फाउंटेन पेन एक बहुत ही प्राचीन तरह का पेन होता है. यह भी एक प्रकार का पेन ही होता है जिसमे एक नुकीली निप लगी होती है जिसे दबाने से स्याही निकलती है. फाउंटेन पेन में ऊपर की ओर से स्याही भरी जाती है जो गुरुत्वाकर्षण बल के सिद्धांत पर चलता था.

गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से ही स्याही निप के अंदर से होते हुए कागज़ तक पहुँचती थी.

बॉल पेन और जेल पेन में क्या अंतर है
  • बाल पेन से लिखने पर स्याही फैलती नहीं है जबकि जेल पेन से लिखने पर स्याही फ़ैल जाती है.
  • बाल पेन थोड़ा हल्का लिखता है जिसकी वजह से आपकी लिखावट सुन्दर और बेहतर दिखती है जबकि जेल पेन थोड़ा गहरा लिखता है जिससे स्याही फैलने का डर रहता है और लिखावट भी अच्छी नहीं दिखती.
  • जेल पेन की स्याही जल्दी ख़तम हो जाती है वहीं बॉल पेन की स्याही अधिक चलती है.
Pen – FAQs
Pen Ke Bare Mein Bataiye

पेन के बारे में इस पोस्ट में सारी जानकारी दी गयी है. इस पोस्ट को पढ़कर आप पेन से जुडी कई चीजे जान सकते है.

उम्मीद करते है आपको हमारी यह पोस्ट Pen Ka Avishkar Kisne Kiya और Pen Kaise Banta Hai पसंद आई होगी.

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