Typewriter क्या होता है – टाइपराइटर का अविष्कार किसने किया

आज इस पोस्ट में हम जानेंगे की Typewriter Kya Hota Hai और Typewriter Ka Avishkar Kisne Kiya साथ ही जानेंगे की टाइपराइटर में कितने बटन होते है और टाइपराइटर का इतिहास क्या है.

Typewriter Kya Hota Hai और Typewriter Ka Avishkar Kisne Kiya

साथ ही पोस्ट में जानेंगे की टाइपराइटर को हिंदी में क्या कहते हैं और भारत में टाइपराइटर कब आया. इन सब के बारे में इस पोस्ट में हम विस्तार से जानेंगे.

Typewriter Ka Avishkar Kisne Kiya

टाइपराइटर की तरह दिखने वाली कई मशीन बनायीं गयी थी. कई लोगो ने इसकी तरह ही कई मशीने बनायीं थी. सन 1868 में पहला सफल टाइपराइटर  बना था जिसे क्रिस्टोफर लैथम शोल्स, सैमुअल डब्ल्यू सौल, कार्लोस ग्लिडेन और फ्रैंक हेवन हॉल द्वारा अमेरिका में बनाया गया था.

परन्तु सन 1870 में, रासमस मॉलिंग-हैनसेन ने एक टाइपराइटर का आविष्कार किया और इन्ही को टाइपराइटर का पहला पेटेंट मिला था. रासमस मॉलिंग-हैनसेन सबसे अधिक टाइपराइटर बनाने वाले पहले इंसान थे. इनके द्वारा बनाया गया टाइपराइटर का नाम “राइटिंग बॉल” था. यह आधुनिक टाइपराइटर से बिलकुल ही अलग था.

समय दर समय टाइपराइटर में कई परिवर्तन भी होते रहे है. समय समय पर इसमें कई तरह के सुधार भी किये गए है. आज के आधुनिक टाइपराइटर और पुराने टाइपराइटर में बहुत ज्यादा अंतर है.

Typewriter Kya Hai

टाइपराइटर एक ऐसा यंत्र होता है जिसकी मदद से आप किसी भी पेज पर टाइप कर सकते है और आपको जो लिखना होता है उसे लिख सकते है. यह एक टाइपिंग टूल होता है जिसकी मदद से आप नोटिस भी टाइप कर सकते है.

Typewriter Kya Hota Hai

टाइपराइटर को हिंदी में टंकण यंत्र भी कहते है. टाइपराइटर एक ऐसा उपकरण होता है जिसकी मदद से आप किसी कागज पर पाठ, कहानी, नोटिस आदि लिख सकते है. सबसे पहले जो टाइपराइटर बना था वह अंग्रेजी भाषा में था.

अंग्रेजी भाषा का टाइपराइटर कर्टी (Querty) लेआउट पर आधारित होता था. अंग्रेजी भाषा के टाइपराइटर के लिए कई सारे लेआउट समय-समय पर बनाये गए परन्तु उनमे से DVORAK स्पीड के मामले में सबसे बेस्ट माना जाता है.

परन्तु समय बीतने के साथ ही क्वेर्टी ही टाइपराइटर का मानक बन गया. इसके आविष्कार के बाद कीबोर्ड भी क्वेर्टी लेआउट पर ही बनने लगे. 1930 के दशक में हिंदी टाइपराइटर बाजार में आया था.

Typewriter Ka Itihaas

टाइपराइटर का इतिहास दशकों पुराना है. सन 1575 में एक इटैलियन प्रिंटमेकर फ्रांसेस्को रैम्पाजेटो ने “स्क्रिटूरा टाटाइल” नामक एक मशीन बनाई. यह मशीन कागज़ के टुकड़े पर अक्षरों को लिख सकती थी. परन्तु टाइपराइटर की खोज 1700 के बाद हुई थी.

हेनरी मिल ने एक ऐसी मशीन बनायीं थी जो एक के बाद एक अक्षरों को प्रभावित कर सकती  थी. उन्होंने इस मशीन के लिए पेटेंट प्राप्त किया था. इसके बाद आने वाले वर्षो में कई आविष्कारकों द्वारा कई तरह के टाइपराइटर बनाये गए.

सन 1865 में पहली व्यावसायिक टाइपराइटर बेचीं गयी जिसका नाम “हेनसेन राइटिंग बॉल” था. इसका आविष्कार रासमस मॉलिंग-हैनसेन द्वारा किया गया था. हालांकि सबसे पहले सफल रूप से बेचा जाने वाला पहला टाइपराइटर “शोल्स और ग्लिस्ड” था जिसे 1867 में क्रिस्टोफर लैथम शोल्स ने सैमुएल सोल एवं कार्लोस ग्लिड के साथ मिलकर बनाया था.

Typewriter – FAQs 
भारत में टाइपराइटर कब आया

भारत में टाइपराइटर 1955 में आया था. एशिया महाद्वीप में सबसे पहले टाइपराइटर का निर्माण भारत में ही हुआ था.

टाइपराइटर में कितने बटन होते हैं

किसी भी टाइपराइटर में लगभग 90 के आसपास बटन होते है.

टाइपराइटर को हिंदी में क्या कहते हैं

टाइपराइटर को हिंदी में टंकण यन्त्र कहते है.

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