Patang का आविष्कार किसने किया था – पतंग बनाने की विधि, कैसे उड़ाते है

इस पोस्ट में हम जानेंगे की Patang Ka Avishkar Kisne Kiya Tha और Patang Banane Ki Vidhi साथ ही जानेंगे पतंग को इंग्लिश में क्या कहते है और पतंग को कैसे उड़ाते है.

Patang का आविष्कार किसने किया था - पतंग बनाने की विधि, कैसे उड़ाते है

साथ ही पोस्ट में जानेंगे की पतंग कैसे बनायीं जाती है और पतंग का त्यौहार कब बनाया जाता है. इन सब के बारे में इस पोस्ट में विस्तार से जानेंगे.

Patang Kya Hai

पतंग हवा में उड़ने वाली एक वस्तु होती है जो अपनी काबिलियत के दम पर उड़ती है. पतंग में दो बांस की पतली लकड़िया होती है और एक कागज या पन्नी होती है. उस कागज या पन्नी पर ये दो लकडिया लगी होती है जिसमे एक सीधी तो दूसरी धनुष की तरह मुड़ी हुई होती है.

Patang Ko English Mein Kya Kahate Hain

पतंग को इंग्लिश में Kite कहते है. काइट एक हवा में उड़ने वाली वस्तु होती है जिसे धागे की मदद से उड़ाया जाता है.

Patang Ka Avishkar Kisne Kiya Tha

इतिहासकारो की मानी जाए तो पतंग का आविष्कार ईसा पूर्व तीसरी सदी में हुआ था माना जाता है की सबसे पहले पतंग का आविष्कार चीन में हुआ था जिसे बनाने का श्रेय चीनी दार्शनिक “हुआंग थेग” को दिया जाता है.

पतंग बनाने के लिए जरुरी सामान (जैसे रेशम का कपडा, पतंग को उड़ाने के लिए मजबूत रेशम का धागा, पतंग के आकार को सहारा देने के लिए हल्का और मजबूत बांस) पहले चीन में ही उपलब्ध था चीन के बाद पतंग धीरे-धीरे अन्य देशो जापान, कोरिया, बर्मा, भारत, अरब, थाईलैंड, उत्तर आफ्रिका आदि में पहुंची.

सबसे पहले पूर्वी चीन के शानडोंग शहर को पतंग का घर कहा जाता था. कई इतिहासकारो का मानना है की भारत में पतंग चीनी यात्री F Hein और Huin Tsang द्वारा लायी गयी थी.

Patang Ka Tyohar

पतंग उड़ाने के लिए भी हमारे देश में एक त्यौहार होता है जिसे मकर संक्रांति कहते है. मकर संक्रांति प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी के दिन मनाया जाता है. इस दिन सभी लोग अपने घर की छतो पर जाकर आकाश में पतंग उड़ाते है और पतंगबाजी का आनंद उठाते है.

Patang Banane Ki Vidhi

पतंग बनाने की विधि कुछ इस प्रकार है :

आवश्यक सामग्री :

  • कागज या पन्नी 
  • टेप 
  • गोंद 
  • लकड़ी की पतली एवं छोटी छडे 

बनाने की विधि :

  • सबसे पहले पतंग को बनाने के लिए उसका ढांचा (फ्रेम) बनाने की जरुरत होती है.
  • अब लकड़ी को दो छडे लीजिये और उनमें से एक छड़ को खड़ी (वर्टिकल) और एक को आड़ी (हॉरिजॉन्टल) रख कर एक धागे की मदद से बीच में से बांध देते है.
  • इसमें ध्यान रखे की हॉरिजॉन्टल इस्तेमाल होने वाली छड़ वर्टिकल छड़ से बड़ी हो.
  • अब इन दोनों छड़ो की मदद से पतंग के लिए फ्रेम तैयार की जाती है जिसमे इन दोनों छड़ो को लगाना होता है.
  • अब इन छड़ो को काटे गए फ्रेम में गोंद की मदद से चिपका दिया जाता है.
  • अब इस पतंग के किनारो को मजबूत करने के लिए इसे कागज और टेप की मदद से चिपका दीजिए.
  • आपकी पतंग तैयार हो चुकी है जिसे आप खुले आसमान में उड़ा कर मजे ले सकते है.

पतंग बनाने के लिए कुछ टिप्स :

  • आप लकड़ी की छड़ी के स्थान पर झाड़ू की सिंक का भी इस्तेमाल कर सकते है.
  • कागज के स्थान पर पॉलीथिन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • यदि आपके पास गोंड नाही है तो इसके लिए आप आटे से लई बनाकर भी इसका इस्तेमाल कर सकते है. (परन्तु ले सिर्फ कागज के लिए ही काम करती है)
  • पतंग की फ्रेम बन जाने के बाद इसके किनारो को कागज और गोंद की मदद से मजबूती दे सकते है.

पतंग कैसे उड़ाते हैं

  • पतंग उड़ाने के लिए सबसे पहले एक अच्छी पतंग का चुनाव करे.
  • पतंग चुनने के बाद इसके जोतर जिसे कन्नी भी कहते है उसे बांधना होता है. यही सबसे मुख्य और जरुरी हिस्सा होता है पतंग को उड़ाने के लिए.
  • कन्नी या जोतर को बांधने के लिए सबसे पहले अपने मांजे में से 1 मीटर धागा निकाले.
  • अब अपनी पतंग पर ऊपर और निचे की ओर दो-दो छेद करे.
  • अगर आपकी पतंग हॉरिजॉन्टल और वर्टिकल छड़ वाली है तो इसमें आपको एक छेद ऊपर और एक छेद निचे और बीच वाली छड़ के दोनों तरफ भी एक-एक छेद करना होता है.
  • अब दोनों छेदो में धागे से गठन बाँध कर कन्नी या जोतर को बांध लिया जाता है.
  • अब धागे की लम्बाई को देखिये और उसके बीच में बराबरी पर एक गांठ बाँध ले.
  • अब इसमें आप अपने मांजे में से डोर लेकर बाँध लीजिए.
  • अब अपने किसी साथी को कहिये की वह पतंग को थोड़ी दूर लेकर जाए और उसका धागा आपके हाथ में होना चाहिए. 
  • अब उससे पतंग को  ऊपर हवा में छोड़ने के लिए कहिये, जैसे ही वह पतंग को हवा में छोड़े आप धागे को खींचे और पतंग को ऊपर उठाने की कोशिश करे.
  • पतंग निचे भी जायेगी और निचे जाए तब आपको ढील देना होता है और जैसे ही पतंग सीधी हो फिर उसे झटके की मदद से ऊपर करते रहना है.
  • इस तरह जैसे-जैसे पतंग को हवा लगती जाती है वह ऊपर उठती जाती है.
  • अब आपकी पतंग ऊपर आकाश में उड़ती हुई दिखाई देगी.
Patang Ke Bare Mein 5 Line

पतंग के बारे में 5 लाइन निम्नलिखित है :

  • पतंग कई रंगो जैसे लाल, गुलाबी, नीले, पीले, हरे, सफ़ेद आदि कलर में पायी जाती है.
  • पतंग हवा में उड़ती है.
  • हमारे देश में पतंग उड़ाने का भी एक त्यौहार है जिसे मकर संक्रांति कहते है इस दिन सभी लोग पतंग उड़ाते है.
  • पतंग कागज और पन्नी दोनों से बनाई जाती है.
  • पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति को पतंगबाज कहा जाता है.
  • पतंग को अंग्रेजी में काइट कहते है.
Patang – FAQs 
पतंग का आविष्कार किसने किया

पतंग का आविष्कार सबसे पहले चीन के दार्शनिक “हुआंग थेग” ने किया था.

Patang Kaise Banai Jaati Hai

पतंग बनाने से लेकर उड़ाने तक की सारी जानकारी इस पोस्ट में बतायी गयी है.

Patang Kaise Banate Hai 

पतंग को बनाने के लिए दो लकड़ी की छडे, गोंद, टेप और कागज या पन्नी की जरुरत होती है. इनकी मदद से पतंग को बनाया जा सकता है. पतंग को बनाने की पूरी स्टेप्स इस आर्टिकल में बताई गयी है.

Patang Ka Bahuvachan Kya Hoga

पतंग एक एकवचन शब्द (Singular Number) है जिसका मतलब केवल एक पतंग होता है. पतंग का बहुवचन शब्द “पतंगे” होगा जिसका मतलब होता है दो से अधिक पतंगे.

पतंग का त्योहार कब मनाया जाता है

पतंग का त्यौहार हमारे देश में हर साल 14 जनवरी या 15 जनवरी के दिन मनाया जाता है.

पतंग उड़ाने वाले को क्या कहते है

पतंग उड़ाने वाले को पतंगबाज कहा जाता है.

केरला में कब पतंग उड़ाई जाती है

केरला में पतंग मकर संक्रांति के दिन 14 या 15 जनवरी के दिन मनाया जाता है इसे केरल में संक्रांति ही कहते है. तमिलनाडु में इसे पोंगल नाम से जाना जाता है.

गुजरात में पतंग कब उड़ाते हैं

गुजरात में भी पतंग को संक्रांति के दिन ही उड़ाया जाता है इस त्यौहार को यहाँ उत्तरायण के रूप में मनाया जाता है.

दिल्ली में पतंग कब उड़ाई जाती है

दिल्ली में हर साल 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन पतंग उड़ायी जाती है. 

उम्मीद करते है आपको हमारी यह पोस्ट Patang Ka Avishkar Kisne Kiya Tha और Patang Banane Ki Vidhi पसंद आई होगी.

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