WBC बढ़ने से क्या होता है, डब्लूबीसी बढ़ जाए तो क्या करें, लक्षण

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क्या आप भी शरीर में WBC की मात्रा बढ़ने से जुड़े सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं, अगर हाँ, तो आप सही जगह हैं. आज मैं आपको इस Article में बताऊंगा White Blood Cells Badhne Se Kya Hota Hai और WBC Badh Jaye to Kya Kare.

इसके साथ ही मैं आपको WBC से जुड़े और भी सवालों के जवाब दूंगा जैसे कि WBC बढ़ने के लक्षण, WBC Count कितना होना चाहिए, WBC क्या है इत्यादि की पूरी जानकारी विस्तार में जानेंगे.

White Blood Cells Badhne Se Kya Hota Hai

1. संक्रमण का प्रदर्शन (Infection): WBCs के प्रदर्शन से पता चलता है कि शरीर में किसी प्रकार का संक्रमण है. जब किसी कारणवश शरीर में बैक्टीरिया, वायरस, या अन्य खराब माइक्रोऑर्गेनिज़्म्स प्रवेश करते हैं, तो WBCs उनका सामना करते हैं और उन्हें नष्ट करने का प्रयास करते हैं. इससे संक्रमण के लक्षण जैसे कि बुखार, सुजान (swelling), दर्द, या घबराहट आती है.

2. सार्वव्यापी बीमारियाँ (Systemic Diseases): कभी-कभी WBCs की मात्रा बढ़ने पर शरीर में बीमारियों के संकेत भी हो सकते हैं, जैसे कुछ स्वायचिक रोग या अन्य व्यक्ति परातिक्रिया से संबंधित समस्याएँ.

3. क्षेत्रिक घटनाएँ (Localized Events): WBCs के प्रमुख कार्यों में से एक है क्षेत्रिक घटनाएँ का प्रबंधन करना, जैसे कि चोट लगने पर WBCs चोट के आसपास इकट्ठा हो जाते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं.

4. व्रण परिणाम (Wound Healing): WBCs व्रण परिणाम को भी प्रबंधन करते हैं. ये उन व्रणों को साफ करते हैं और संक्रमण को रोकते हैं, जिससे व्रण का सुखदीक और तेजी से भरना हो.

5. प्रतिक्रिया का निर्धारण (Immune Response): WBCs हमारे शरीर को प्रति प्रकार के एंटीजन्स (संक्रामक पदार्थ) से लड़ने और उन्हें नष्ट करने में मदद करते हैं. इसके माध्यम से शरीर व्यक्ति परातिक्रिया उत्पन्न करता है, जो की बीमारियों से लड़ने में मददगार होती है.

यदि आपके WBCs की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है, तो इससे व्यक्ति को कई समस्याएँ हो सकती हैं, जैसे कि:

– रक्त संबंधित विकार (Blood Disorders): अत्यधिक WBCs होने पर कुछ रक्त संबंधित विकार हो सकते हैं, जैसे कि ल्यूकीमिया या अन्य रक्त कैंसर.

– स्वायचिक रोग (Autoimmune Diseases): कभी-कभी व्यक्ति परातिक्रिया अत्यधिक होती है, जिससे स्वायचिक रोग हो सकते हैं, जैसे कि रुमेटॉइड आर्थराइटिस.

– संक्रमण (Infection): WBCs की अधिक मात्रा होने पर भी संक्रमण के संकेत हो सकते हैं.

WBC Badh Jaye to Kya Kare

1. संक्रमण: एक संक्रमण के समय, आपके शरीर के रक्त कोशिकाएं संक्रमण के खिलाफ लड़ने के लिए बढ़ सकती हैं.

2. अलर्जी: कुछ प्रकार की अलर्जी भी WBC की वृद्धि का कारण बन सकती है.

3. अस्थायी विकार: कुछ सामग्री जैसे कि धूम्रपान, शराब, या कुछ दवाएँ, अस्थायी रूप से WBC की संख्या को बढ़ा सकती हैं.

4. अन्य मेडिकल स्थितियाँ: अन्य मेडिकल स्थितियों जैसे कि गठिया, ग्रंथियों के बढ़ने, या कैंसर भी WBC की बढ़त का कारण बन सकते हैं.

यदि आपकी रिपोर्ट में WBC की अधिक संख्या है, तो सबसे पहले आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. वे आपकी पूरी चिकित्सा जांच करेंगे और आपकी व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर सही उपचार की सलाह देंगे.

कृपया ध्यान दें कि किसी भी मेडिकल समस्या के लिए स्वागत विशेषज्ञ की सलाह लेना हमेशा सही होता है, और आपको डॉक्टर के द्वारा निर्धारित उपचार का पालन करना चाहिए.

WBC Badhne Ke Karan

1. संक्रमण (Infection): सबसे आम कारण संक्रमण होता है. संक्रमण के समय, WBC इंफेक्टेड या पॉटेंशियल इंफेक्टेड कोशिकाओं को खत्म करने का काम करती हैं.

2. इन्फ्लेमेटरी बीमारी (Inflammatory Conditions): कुछ अस्थायी और लम्बे समय तक चलने वाले इन्फ्लेमेटरी बीमारियों, जैसे कि रैहमटॉयड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) और इंफ्लैमेटरी बोवेल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease) में WBC की संख्या बढ़ सकती है.

3. त्वचा के रोग (Skin Disorders): कुछ त्वचा संबंधित रोगों, जैसे कि प्सोरिएसिस (Psoriasis) और एक्जेमा (Eczema), में भी WBC की बढ़त हो सकती है.

4. अलर्जी (Allergy): अलर्जिक प्रतिक्रिया के समय, आपके शरीर के अनेक प्रकार के WBC बढ़ सकते हैं ताकि वे अलर्जी को समाप्त कर सकें.

5. कैंसर (Cancer): कुछ कैंसर जैसे कि लेकेमिया (Leukemia) और लिम्फोमा (Lymphoma) में WBC की संख्या बढ़ सकती है.

6. किडनी रोग (Kidney Disease): किडनी समस्याओं के कारण भी WBC की संख्या बढ़ सकती है.

7. अन्य आरोग्य समस्याएँ (Other Health Conditions): कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे कि इन्फेक्टीव बीमारियों, इस्ट्रोजेन या ग्रोथ हार्मोन के संख्यात्मक बदलाव, और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, भी WBC की बढ़त का कारण बन सकते हैं.

WBC Badhne Ke Lakshan

1. बुखार (Fever): अत्यधिक WBCs के कारण, शरीर का इम्यून सिस्टम संक्रामक पदार्थों के खिलाफ प्रतिक्रिया करता है, जिससे बुखार आने का लक्षण हो सकता है.

2. सूजन (Swelling): WBCs संक्रामक पदार्थों से लड़ते हैं, और इससे सूजन और दर्द हो सकता है. यदि आपको किसी जगह पर सूजन महसूस हो रही है, तो इसका कारण WBCs की अधिक मात्रा हो सकती है.

3. दर्द (Pain): संक्रामक पदार्थों के समय WBCs संक्रामक पदार्थों को नष्ट करने की कोशिश करते हैं, जिससे दर्द होने का लक्षण हो सकता है.

4. कमजोरी (Weakness): अत्यधिक WBCs के कारण शरीर की ऊर्जा खर्च हो सकती है, जिससे कमजोरी महसूस हो सकती है.

5. घबराहट (Confusion): यदि शरीर में अधिक संक्रामक पदार्थ होते हैं, तो इससे घबराहट और चक्कर आने का लक्षण हो सकता है.

6. उल्टी (Vomiting): कुछ मामलों में ल्यूकोसाइटोसिस के कारण उल्टी आने का लक्षण हो सकता है.

7. संक्रमण (Infection): ल्यूकोसाइटोसिस का मुख्य कारण संक्रमण होता है. अगर आपके शरीर में कहीं संक्रमण है तो इससे WBCs की मात्रा बढ़ सकती है.

8. रक्तस्राव (Bleeding): अत्यधिक WBCs होने पर शरीर के रक्त संरचना पर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे अधिक रक्तस्राव होने का खतरा हो सकता है.

9. सिरदर्द (Headache): कुछ मामलों में ल्यूकोसाइटोसिस के साथ सिरदर्द का भी लक्षण हो सकता है.

WBC Jyada Hone Ke Karan

1. Infection: सबसे आम कारण संक्रमण होता है. जब आपके शरीर में एक संक्रमण होता है, तो WBC इंफेक्टेड कोशिकाओं को नष्ट करने का काम करती हैं और बढ़ा देती हैं.

2. Inflammatory Conditions: कुछ इन्फ्लेमेटरी बीमारियों, जैसे कि रैहमटॉयड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) और इंफ्लैमेटरी बोवेल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease), में भी WBC की बढ़त हो सकती है.

3. Skin Disorders: कुछ त्वचा संबंधित रोगों, जैसे कि प्सोरिएसिस (Psoriasis) और एक्जेमा (Eczema), में भी WBC की बढ़त हो सकती है.

4. Allergy: अलर्जिक प्रतिक्रिया के समय, आपके शरीर के अनेक प्रकार के WBC बढ़ सकते हैं ताकि वे अलर्जी को समाप्त कर सकें.

5. Cancer: कुछ कैंसर, जैसे कि लेकेमिया (Leukemia) और लिम्फोमा (Lymphoma), में भी WBC की बढ़त हो सकती है.

6. Kidney Disease: किडनी समस्याओं के कारण भी WBC की संख्या बढ़ सकती है.

7. Other Health Conditions: अन्य कई स्वास्थ्य समस्याएँ, जैसे कि इन्फेक्टीव बीमारियों, इस्ट्रोजेन या ग्रोथ हार्मोन के संख्यात्मक बदलाव, और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, भी WBC की बढ़त का कारण बन सकते हैं.

WBC Ki Sankhya

WBC (White Blood Cells) की सामान्य मात्रा एक माइक्रोलीटर रक्त में अवसर्दी रक्त को 4,000 से 11,000 कोशिकाएँ होती हैं. इसका मतलब है कि 4,000 से 11,000 WBCs एक माइक्रोलीटर रक्त में होते हैं. लेकिन यह मात्रा व्यक्ति की आयु, लिंग, और कई अन्य कारकों पर निर्भर करती है.

WBC Kya Hai

श्वेत रक्त कोशिकाएं (White Blood Cells, WBC) शरीर में पायी जाने वाली खून की कोशिकाओं में से एक प्रकार की होती हैं. WBC का मुख्य कार्य शरीर को संक्रमणों, बैक्टीरिया, वायरस, और अन्य खतरनाक पदार्थों से बचाना है. ये रक्त कोशिकाएं इम्यून सिस्टम का हिस्सा होती हैं और शरीर को बाहरी हानिकारक कारणों से रक्षा करने में मदद करती हैं.

WBC के कई प्रकार होते हैं, और हर प्रकार का अपना विशेष कार्य होता है:

1. न्यूट्रोफिल्स (Neutrophils)

2. लिम्फोसाइट्स (Lymphocytes)

3. मोनोसाइट्स (Monocytes)

4. ईजिनोफिल्स (Eosinophils)

5. बैसोफिल्स (Basophils)

उम्मीद करते हैं आपको हमारी पोस्ट White Blood Cells Badhne Se Kya Hota Hai और WBC Badh Jaye to Kya Kare पसंद आई होगी.

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